Desi Hindi Gay sex story – पापा के साथ समलैंगिक सम्बन्ध

Click to this video!

Desi Hindi Gay sex story – पापा के साथ समलैंगिक सम्बन्ध

मैं बहुत ही दुबला पतला हूँ, मेरे शरीर पर नाम मात्र के बाल हैं। झांट और सर के बाल के अलावा छाती या हाथ पैर पर बाल नहीं हैं। मतलब यह है कि मैं अगर साड़ी में भी आ जाऊँ तो लोग मुझे पहचान नहीं पाएंगे, मेरी आवाज़ भी वैसी ही लड़कियों वाली है।

खैर, दोस्तो, यह कहानी नहीं सच्ची घटना है..

मैं रोज की तरह मैं मोहल्ले में खेलने के लिए निकला। मैं अपने दोस्त के घर खेलने जाता था। वो मुझसे 4-5 साल बड़ा भी होगा। उस दिन वो घर पर अकेला था और उसका मूड बदला बदला सा था। दरवाजा खोलने के बाद मैंने देखा कि उसकी पैंट में से कुछ निकल रहा था।

फिर मुझे उसने अन्दर बुलाया और कहा- आज एक नया खेल खेलेंगे !

मैं तैयार हो गया।

उसने कहा- अगर किसी को इस खेल के बारे में बताया तो फिर वो यहाँ नहीं रह पायेगा।

मैंने सोचा- ऐसा क्या है इस खेल में..?

उसने कहा- खेल कपड़ों अदला बदली का है।

मैंने कहा- इसमें ऐसी क्या बात है? ठीक है, मैं तैयार हूँ।

वो मुझे अपनी मम्मी के कमरे में ले गया। वहाँ मैंने अपने कपड़े उतरने शुरू किये.. पहले पैन्ट, फिर शर्ट और बनियान ! मैं केवल चड्डी में था।

उसने कहा- चड्डी भी उतार !

मैंने मना कर दिया पर वो जबरदस्ती करने लगा, आगे बढ़ कर एक झटके में मुझे नंगा कर दिया। मैं अपनी नुन्नी छुपाने लगा। फिर उसने मुझे चड्डी दी जो लड़कों की नहीं लड़कियों की थी। जो मैंने पहनने के बाद महसूस की। फिर उसने मुझे ब्रा दी जो मैंने फैंक दी, तो उसने मुझे पहना दी। इसके बाद वो मुझे साया और ब्लाउज पहनाने लगा। ये सारी चीज़ें उसकी मम्मी की थी। ये पहनने के बाद मैंने महसूस किया कि मेरी नुन्नी में हलचल हो रही है और वो खड़ा हो रहा है। फिर उसने मेरी कमर में साड़ी खोंसी और फिर एक लपेटा दे कर चुन दे कर साड़ी मेरी कमर में खोंसी और फिर मेरी कंधे पर आँचल डाला। उसकी मम्मी मेरी ऊंचाई की थी तो साइज़ की दिक्कत नहीं थी।

मुझे अब यह अच्छा लगने लगा था।

उसने आगे कहा- लॉलीपॉप चूसोगे?

मैंने कहा- इतना करने के बाद लॉलीपॉप मिल जाए तो क्या बुरा है.। मैंने कहा हाँ !

इस पर उसने अपनी पैंट और चड्डी दोनों उतार दी और मुझे बिस्तर पर ले गया। मेरी नजर उसके लिंग पर गई जो पूरा तना था। उसने मेरे मुँह में अपना लिंग दिया। मैं परेशान हो गया कि यह क्या हो गया, मैंने तो लॉलीपॉप माँगा था।

उसने कहा- मेरे लिंग का सुपारा ही लॉलीपॉप है।

थोड़ी देर बाद उसके लिंग से कुछ सफ़ेद से गाढ़ा सा तरल निकला, मैंने उसे उगल दिया। फिर उसने देखा कि मेरा अब भी खड़ा है तो उसने मुझे मुठ मारना सिखाया कि कैसे लिंग को साड़ी में हिलाने से मजा आता है। मुझे असीम सुख का आनंद आया।

उसने कहा- जब तक साड़ी पहन कर किसी का लिंग नहीं चूसो तो मजा नहीं आता।

मैंने इसे ही सच माना। फिर मैं अपने घर आ गया।

पिछली बार का मजा मुझे फिर उसके घर खींच लाया पर उसका घर खाली नहीं था। मेरे मम्मी पापा की पार्टी में जाने वाले थे तो मैंने उसे अपने घर बुला लिया। इस बार भी उसने मुझे साड़ी पहना कर अपना लिंग चुसवाया। यह सब चार महीने चला जब तक कि उसके पापा का तबादला नहीं हो गया। अब मैं अकेला था लेकिन मुझे साड़ी पहनने और लिंग चूसने की आदत पड़ गई थी।

मेरी परीक्षा शुरू होने वाली थी और मेरा परीक्षा केंद्र नजदीक के शहर में था जहाँ मेरे मामा और मामी रहते हैं। मैं परीक्षा के शुरू होने के कुछ दिन पहले ही मामा के घर पहुँच गया।

पहली परीक्षा के बाद मैं बड़ा खुश था। घर पहुँच कर मामी को चौंका देने वाला था। मेरे पास एक्स्ट्रा चाभी थी। मेरी मामी नहा रही थी उनको पता नहीं चला कि मैं आ चुका हूँ। मामी थोड़ी देर के बाद नंगी ही आईने के सामने अपने बदन को निहारने लगी। मैंने अभी तक किसी औरत को नंगी नहीं देखा था, मेरा लिंग खड़ा होने लगा।

मैं चुपके से मामी की चूचियाँ देखने लगा। तब तक शायद मामी ने मुझे आईने में कोने से देख लिया।

चिल्लाने के बजाये उन्होंने मुझे बुलाया और कहा- यह गलत बात है ! ऐसे किसी को देखना गलत है !

और भी बहुत कुछ सुनाया..।

मैंने कहा- मामी गलती हो गई, मैं बस आपको किस करना चाहता था.. मैं आपको किस कर सकता हूँ ??

मामी ने कहा- हाँ !

और अपना गाल आगे बढाया, और जैसे ही मैं चूमने के लिए अपने होंठ उनके गाल पर लगाने वाला था, उन्होंने अपने होंठ आगे कर लिए। मैं उनके होंटों को चूम रहा था। मामी भी मेरा साथ दे रही थी। हम दोनों बहुत देर तक एक दूसरे को चूमते रहे और इस बीच मेरी मामी का हाथ मेरी पैंट तक पहुँच गया। वो मेरी पैंट को खोलने लगी और मेरी चड्डी से मेरे लिंग निकाल कर खेलने लगी जो अब बहुत बड़ा हो चुका था।

मामी ने कहा- मैंने जितना अनुमान लगाया था, यह उससे भी बड़ा है…

फिर वो मुझे अपने बिस्तर पर ले गई, मामी की सहायता से मैं अपने जौहर दिखाने लगा।मामी मेरा चूस रही थी, मैं 69 स्थिति में मामी की बुर चूस रहा था।

मामी “आह आह” करने लगी… मैं मामी की बुर को जीभ से चाट-चाट कर गीला कर रहा था।

मामी ने कहा- अपनी उंगलियाँ घुसा !

मैंने अपनी दो उंगलियाँ डाली, मामी की बुर फैलने लगी।

मामी ने कहा- और डाल !

मैंने एक-एक करके अपना पूरा हाथ उनकी बुर में डाल दिया। मामी की कराहने की आवाज़ें मुझे बेचैन किये पड़ी थी।मामी ने कहा- मादरचोद, अब तो चोद दे ! क्यों तड़पा रहा है जालिम।

मैंने मामी का कहा माना और अपना लिंग उनकी बुर में प्रवेश करा दिया, इसके बाद मामी ही उछल उछल कर अपनी दे रही थी। फिर मैंने उन्हें तीन तरीके से चोदा, पहले मैं उनके ऊपर, फिर वो मेरे ऊपर और फिर मैंने पीछे से उसे कुतिया बना कर चोदा।

मामी बहुत खुश हो गई, अब तो मेरा हर दिन ही रंगीन था, मामा शाम को आते थे और थक कर सो जाते थे। तब मैं समझा कि मामी मुझसे क्यों चुदने के लिए तैयार हो गई।

लेकिन बात यह नहीं थी। मैंने असली बात मामा के घर आखिरी रात को जानी। मेरे मामा भी मेरी तरह साड़ी और लिंग के शौक़ीन थे। यह बात शायद मामी को पता नहीं या फिर मामी पसंद नहीं करती थी।

मामा के घर में तीन कमरे थे। मामा मामी एक कमरे में और मैं दूसरे कमरे में सोता था। उस रात को मैं पानी पीने के लिए उठा, तभी मैंने देखा कि तीसरे कमरे में मेरे मामा साड़ी पहन कर बिस्तर पर बैठने ही वाले थे। मामी दूसरे कमरे में सोई थी। मेरी पुरानी इच्छा जाग उठी। वैसे भी एक सप्ताह से मामा जल्दी आ जाते थे और मैं मामी की चुदाई नहीं कर पाता था। मामा भी मेरे कारण एक महीने से साड़ी नहीं पहन पाए थे। इसलिए शायद मामा साड़ी पहन कर बैठे ही थे।

मैंने सोचा कि इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा और मैं कमरे में घुस गया। मामा मुझे देखते ही चौंक गए। मामा बोले- बेटा जो तुम सोच रहे हो, वो ये नहीं है।

मैंने कहा- मामा, आप अगर आज मुझे अपना लिंग चूसने दे दो तो मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा !

मामा भी सुनते ही खुश हो गए, उन्होंने खुद ही अपने साड़ी उठा दी और अपने 5″ के लिंग के दर्शन करा दिए। अब मैं समझा कि मामी खुश क्यों नहीं होती !

मैं और मामा एक दूसरे में समां गए। वो मेरा और मैं उनका चूसने लगा। झड़ने के बाद उन्होंने मुझे राज की बात बताई कि मेरे पापा भी साड़ी पहनते हैं और यह सब उन्होंने अपनी आँखों से देखा है, वैसे मेरे पापा नहीं जानते कि मेरे मामा यह बात जानते हैं। मामा जी की आज तक हिम्मत नहीं हुई कि वो पापा को अपनी गांड मारने के लिए तैयार कर सकें।

मैंने कहा- मामा, आप बस तैयार रहना ! जब मैं कहूँ, आप बस हाजिर हो जाना।

मेरे पापा साड़ी तो पहनते थे लेकिन समलैंगिक नहीं थे। एक दिन उनके बिस्तर पर मैंने साड़ी साया ब्लाउज का सेट देखा जो घर में किसी औरत का नहीं था। यह मेरे शक को पक्का करने के लिए काफी था।

एक दिन सुबह सुबह पापा उठ कर नीचे चाय पीने आये। उस समय बस मैं ही जगा था, मैंने देखा कि उनके माथे पर बिंदी है और होंठों पर लिप-ग्लॉस की चमक बरक़रार थी। पापा ने थोड़ी देर बाद आईने में देखा और झट से बिंदी हटाई। पर तब तक तो मुझे विश्वास हो गया था।

लेकिन अब पापा को पटाया कैसे जाए?

मैं इस कोशिश में दो साल जुटा रहा।

मेरे घर में दो मंजिलें हैं। नीचे की मंजिल पर एक शयन कक्ष और एक मेहमानों का कमरा है। ऊपर वाली मंजिल पर वो कमरा श्रृंगार कक्ष है। सर्दियों में हम लोग ऊपर वाले कमरे में दो पलंग लगा कर सोते हैं। पापा अकेले ही सोते हैं।

मैं एक दिन पापा के साथ, कह कर कि उस कमरे में नींद नहीं आ रही, सोने गया। मेरे पापा को उस दिन पीठ में दर्द था तो मुझे तेल लगाने के लिए कह दिया। मैं पीठ में तेल लगाने के बजाये कमर पर लगाने गया और मेरे हाथ फिसलते फिसलते उनकी गांड तक पहुँच गए। मैं उनका लिंग पकड़ने ही वाला था कि फ़ोन बज उठा और उन्होंने फ़ोन उठा लिया। बहुत देर तक वो बात करते रहे और मैं सो गया। रात में मैंने उनके पजामे के ऊपर उनकी गांड पर लिंग रख कर मुठ मारी पर उन्हें पता नहीं चला शायद।

एक दिन मैं रात को सोने के लिए आया तो मैंने देखा कि कमरे की बत्ती बुझी हुई है और पापा की सांसें बहुत तेज चल रही है। पापा ने कहा कि मैं जाकर नीचे से उनके लिए दवा ले कर आऊँ, लगता है कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ है।

पर मुझे पता चल गया था कि पापा मुठ मार रहे हैं, गलती से कमरे का दरवाजा खुला रह गया था। मैंने मद्धम रोशनी में देखा कि पापा की रजाई से उसी साड़ी का एक कोना निकल रहा था जो मैंने कुछ दिनों पहले देखी थी।

मैंने कहा,” अच्छा ! आप साड़ी पहने हुए हैं? वैसे भी आप साड़ी में ही अच्छे दीखते हैं। आदमियों के कपडे में नहीं !”

यह सुन कर पापा दंग रह गए पर कुछ बोल नहीं पाए। मैं उनके बगल में जा कर लेट गया और उनकी छाती और लिंग छूने की कोशिश करने लगा पर छू नहीं पाया। थक कर मैं उनके सामने मुठ मार कर सो गया।

अगले दिन से उन्होंने मुझे साथ सोने से मना कर दिया। फिर भी मेरी इच्छा उन्हें नंगा देखने की बढ़ती गई। उनके लिंग को सोच सोच कर मैंने कितनी बार मुठ मारी होगी।

अगली गर्मियों में घर के सब लोग नीचे सोये हुए थे, मैं रात को पहले आकर सो गया था जिसका पता पापा को नहीं चला। उस रात में 1-2 बजे मेरी नींद खुली तो देखा कि मेरे पापा मेरी मम्मी बनने के लिए तैयार हो रहे हैं। उन्होंने अपनी बनियान उतारी और फिर सफ़ेद रंग की ब्रा पहन ली। उनके बूब्बे बहुत ही फूले हुए थे, उन्हें ब्रा के अन्दर कुछ डालना नहीं पड़ा। मेरे पापा के शरीर पर भी मेरी ही तरह बाल नहीं हैं तो पता नहीं चलता था कि यह आदमी है या औरत।

फिर उन्होंने प्यार से अपना पजामा उतार कर मोड़ कर रख दिया। अब मुझे लगा कि मैं उनके लिंग का दर्शन कर लूँगा। पर फिर एक साया लाकर ऊपर से औरतों की तरह पहना और नीचे से अपनी चड्डी निकाल का मोड़ कर रख दी। फिर एक मखमल का ब्लाउज पहना, इसके बाद वो आईने से सामने खड़े हो कर अपना साया जोर जोर से हिलाने लगे। इतना करने के बाद वो श्रृंगार कक्ष गए और वह जाकर साड़ी पहनने लगे। मैं रजाई के अन्दर नंगा होने लगा। मैंने दूर से पापा को साड़ी पहनते हुए देखा और उनकी गांड देख कर मदमस्त हो गया। पापा वापस इस कमरे में आ रहे थे, मैं वापस रजाई में घुस गया।

पापा आकर लेट गए, फिर कमरे में अचानक प्रकाश हो गया, पापा चौंक गए। मैं पापा के सामने नंगा खड़ा था। पापा रजाई में थे और सन्न रह गए। इतनी देर में मैंने पापा की रजाई खींच ली और पापा के रूप का दर्शन किया। इतने सुन्दर मेरे पापा होंगे यह मैंने सोचा नहीं था। पापा के सामने तो अच्छी सुन्दर हिरोइने भी पानी भरें !

मैंने पापा से कहा- पापा, मुझे लिंग चूसने दीजिये तो मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा।

पापा मना करते रहे और मैं माना नहीं। मैंने उनकी साड़ी उठाई और फिर साया। पापा ने सुन्दर पैंटी पहन रखी थी जो उनके लिंग का बोझ नहीं झेल पा रही थी। मैंने पैंटी का बोझ अपने मुँह में ले लिया। थोड़ी देर तक चूसने के बाद मैंने अपना लिंग पापा के मुँह में दिया। पापा नहीं-नहीं करते रहे पर मैं माना नहीं और जबरदस्ती अपना लंड उनके मुँह में घुसेड़ दिया। पापा को मन मार कर मेरा लंड चूसना पड़ा।

पापा का लंड चूसने के बाद मैंने उनके बूब्बे दबाये और चूसे। पापा मदमस्त हो गए थे- इतना कि उनका झड़ा तो पूरी साड़ी भीग गई।

इस घटना के दो तीन दिन बाद घर के सारे लोग किसी शादी में गए थे, मैं और पापा नहीं गए थे। उस रात मैं साड़ी पहन कर पापा के पास गया तो उन्होंने मुझे भगा दिया। अब वो मेरे साथ सेक्स नहीं करेंगे यह सोच कर मैं वापस श्रृंगार रूम आ गया। मैंने पैंटी नहीं पहन रखी थी, वो ही ढूंढ रहा था। बाद में खोजूंगा, सोच कर मैं हार और लिप ग्लॉस लगा रहा था। चूड़ी पहनने के लिए झुका और उठा तो आईने में पापा को देख कर चौंक गया।

पापा ने कहा,”इसे ही ढूंढ रहे थे न?”

मैंने देखा कि पापा ने लंड पर मेरी रंग बिरंगी पैंटी रख रखी है। मैंने आगे बढ़ कर पैंटी ले ली और देखा कि उनके लंड पर कंडोम चढ़ा है।

“सेक्स ऐसे नहीं करते, पहले कंडोम पहनते हैं, फिर कुछ करते हैं !””चूस कर देखो, तुम्हारा मनपसंद स्वाद है !”

मैं केले का स्वाद चखते ही पागल हो गया।

मैंने कहा- अब आप ही मुझे पैंटी पहना दो।

पापा ने मुझे गोद में उठाया और धीरे से मेरी साड़ी उठाई और फिर प्यार से पैंटी पहना दी। पापा ने मेरा बाकी श्रृंगार किया, कहा- तुम्हारे लिए तो मैंने विग भी रखा है।

फिर मुझे बिल्कुल औरतों में बदल दिया, पूछा- बता कि औरतें कैसे चलती हैं?

मैंने चल कर दिखाया और कैसे मलत्याग करती हैं मैंने वो भी करके दिखाया।

“शानदार ! तुम एक अच्छी औरत साबित होगे !”। पापा ने कहा कि शादी के बिना औरत अधूरी है !

मैंने कहा- आप मुझसे शादी करोगे?

पापा ने कहा- मैं तुम्हें अपनी धर्मपत्नी स्वीकारता हूँ।

मेरी मांग में उन्होंने सिन्दूर भरा और फिर कहा- तुम्हें पत्नी का धर्म निभाना होगा।

और मुझे अपने कमरे में ले गए.। पहले हम एक दूसरे का चूसते रहे फिर पापा ने मेरी गांड चाटी, चाट चाट कर मेरी गांड नरम कर दी। फिर मुझसे वैसलिन लाने के लिए कहा। मैं वैसलिन लेकर आया।

पापा ने कहा- यह तकिया मुँह में रखो और कुतिया बन जाओ !

मैं कुतिया बन गया। पापा.. माफ़ कीजिये मेरे पति ने तब तक मेरी गांड में ढेर सारा वैसलिन लगाया। मैंने जैसे ही तकिया मुँह में लिया, पतिदेव ने अपना लंड पूरे का पूरा एक बार में मेरी गांड में दे दिया। मैं दर्द से बिलबिला उठी, तकिये के कारण चिल्ला नहीं सकी। पापा ने धीरे धीरे मेरी गांड मारनी शुरू की। थोड़ी ही देर में मुझे मजा आने लगा। मेरे पति ने अपनी रफ़्तार फुल कर दी और थोड़ी देर में मेरी गांड में झड़ गया। मैं भी थक कर नीचे गिर गई। थोड़ी देर बाद मैं उठ खड़ी हुई और उसके लंड से खेलने लगी, उसका लंड खड़ा हो गया। मैंने अपना लंड उसके मुँह में दिया।

वो बोला- मैं दोबारा झड़ने वाला हूँ।

यह सुनते ही मैंने उसका कंडोम फाड़ दिया ताकि मैं उसके रस का मजा ले सकूँ।

पति मेरे मुँह में और मैं उसके मुँह में झड गई। हम लोग ऐसे ही एक दूसरे की बाँहों में सो गए।

सुबह मेरी नींद देर से खुली और मैंने देखा कि मेरे पति मेरे पास नहीं हैं। मैंने कपड़े बदले और फ़िर सो गया।

शाम में पापा वापस आये और साथ में खाने का सामान भी लाए। पापा के पास एक और पैकेट था जिसे लेकर वो अपने कमरे में गए। थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने कमरे से आवाज़ लगाई। मैं ऊपर गया और उन्हें साड़ी में देखा। मेरा फिर खड़ा होने लगा।

उन्होंने कहा- तैयार हो जाओ।

मैं कपड़े उतार कर साड़ी की तरफ बढ़ा था कि वो बोले- आज हम माँ बेटी बनेंगे। मैंने अपनी बेटी के लिए महँगी वाली लहंगा चोली ली है

मैंने ब्रा-पैंटी पहनने के बाद चोली पहनी तो पाया कि वो थोड़ी कसी है।

यह देखकर मम्मी हसने लगी,”मैंने अपनी बेटी के लिए जानबूझ कर छोटी चोली ली है !”

मैंने पूरे कपडे पहने और फिर हम खाने के मेज़ पर पहुँचे। मम्मी ने हम दोनों के लिए खाना लगाया। इतनी भूख लगी थी हम दोनों ने तीन मिनट के अन्दर ही खाना ख़त्म कर दिया। फिर हम 12 बजे रात तक औरतों के कपड़ों में रहे और देर तक बातें करते रहे कि मम्मी ने कब साड़ी पहननी शुरू की। मम्मी ने बताया कि वो बचपन से ही साडी पहनने की शौक़ीन है। मुझे कैसे लत पड़ी, यह मैंने उन्हें बताया।

मम्मी ने कहा कि वो जानती है कि उस लड़के ने मुझे ही क्यों चुना। पर बताया नहीं। फिर बातों बातों में वो मेरे लंड से खेलने लगी और अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया। मैं झुक कर उनके लंड को चूसने लगा। थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने मम्मी की गांड चाटी। इस बार मैंने अपनी मम्मी की गांड मारी।

मम्मी ने कहा- मैंने कल से पहले किसी की गांड नहीं मारी थी और आज से पहले किसी से गांड नहीं मराई थी। मैंने कसम ली थी कि अपने बेटी से ही गांड मराऊंगी।

मैंने कहा- मम्मी, आपको यह कसम किसने दिलाई थी?

मम्मी ने कहा- यह बात मैं तुझे फिर कभी बताऊंगी।

Comments


Online porn video at mobile phone


tamil boygays porn underwearxxx gard se tatty bahargay story ghar k khatir gand marvaigay lund picsgay sex quickie indian hot male long xxx landIndian gym gays sexbig cock Indian xxxtamil say sex in big cock manHot desi indian gay nudedesi gay sex wanking gay on skypedesi gay hero indian nudeindia gay sex photodesi guys nude hotdesigaybuttsDesi Indiyan an pakistan gay boy sex, comsex kas kartadesiboysassfuckindeyangaygay foreplay hinglish storyindian gay group nude videogay big cock desidesi handsome gay penisgay porn hindi storyTamil gay nudewww sex gay India photo hdIndia Nude gay sex penisnude indian hairy hunky unclegays sex hero videogay jabardast gay chudai xvideogay malenudeindiandesi men porn spermtamil gay nude picsgay gandu hinde sex storeaindian sex landpanjabi boy land porn imagescute naked indian hunishd saga ma BETA GAY XXX VEDOindian daddy gay naked mendesi indian groupsexchoti ladki fhavoret xvideosgay fuck boy xxxnind me. gay. sex.movisindian gay porn menIndian nude desi gayINDIAN GAY SEXIndian naked photoIndian gay site.com xnxxpyar ka nasha gay love storydesi dickstamil gayhindhi acters fuck vedogay India male naked bodydesi botam ladka ki gaand marwai hdindian gay boy penis picsdick pic indianladka gay sex story hindi meठेकेदार से गांड मरवाईदीसे अंकल ोल्डमन धोती सेक्सGay nudegay cock lungidesi man showing land lungi pornpics desi crossdresser nude picsDesi Gay Sex Boy xxx. compakistan guy hairy man xvidrosdesi gay pornindein x x x full vedio gadu sex melru indian naked boys rupro sexyindiangayboy videos xxx gay story in marathi hindiGay design BABA story in hindi